पत्रकार पर हमले से उबाल, पुलिस प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतरे पत्रकार
अर्थी निकालकर प्रदर्शन, एसपी कार्यालय तक पहुंचा आक्रोश
जाम और हंगामे के बाद झुका प्रशासन, मुंशी हटाने के आदेश दोषियों पर कार्रवाई की मांग
छतरपुर। जिले में पत्रकार पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सोमवार को पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में पत्रकार सर्किट हाउस से एकजुट होकर प्रदर्शन करते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से अर्थी निकालकर विरोध जताया गया।

पत्रकारों का आरोप है कि बिजावर क्षेत्र के पत्रकार राकेश सिंह राय पर 23 अप्रैल की रात शराब ठेकेदारों द्वारा लाठी-डंडों से हमला किया गया। बताया गया कि वह एक धार्मिक कार्यक्रम से लौटते समय शासकीय शराब दुकान पर अधिक दाम पर शराब बिक्री का वीडियो बना रहे थे, तभी उन पर हमला कर दिया गया। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनके मोबाइल भी छीनकर तोड़ दिए गए।
आरोप यह भी है कि घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की, बल्कि उल्टा उन पर ही फर्जी मामला दर्ज कर दबाव बनाने की कोशिश की गई। इससे नाराज पत्रकारों ने पहले एसपी कार्यालय और फिर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया।
इस बीच सूचना मिली कि शराब ठेकेदार भी एसपी से मिलने पहुंचे हैं, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। नाराज पत्रकारों ने सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। काफी देर तक समझाइश के बावजूद जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो अंततः एसपी को मौके पर आना पड़ा।
एसपी ने पत्रकारों की मांगों को सुनते हुए संबंधित थाने के मुंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने और थाना प्रभारी की भूमिका की जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
