


छतरपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सोमवार को 15 वर्षीय सूफी गायन कलाकार अंशिका राजोतिया को पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें शहर के ऑडिटोरियम में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज एवं जिला प्रशासन छतरपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित संस्कृति विरासत कला उत्सव के छठवें दिन दी गई उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अंशिका ने अपने गायन की शुरुआत सुप्रसिद्ध भजनों से की। इसके पश्चात उन्होंने सूफी अंदाज में “यह जो हल्का-हल्का सुरूर है”, “काली-काली जुल्फों के फंदे ना डालो” जैसी लोकप्रिय ग़ज़लों की प्रस्तुति दी, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। वहीं धार्मिक भजनों में “राम को देख जनक नंदिनी” की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भक्ति और संगीत के रंग में रंग दिया।
पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने अंशिका की गायन प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में सूफी और शास्त्रीय भावों को आत्मसात करना गर्व की बात है और यह अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर अंशिका के परिजन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उन्हें पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया
